सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 4061

नंबर 4061किताब 64, नंबर 106
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ مُعْتَمِرٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ زَعَمَ أَبُو عُثْمَانَ أَنَّهُ لَمْ يَبْقَ مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي بَعْضِ تِلْكَ الأَيَّامِ الَّتِي يُقَاتِلُ فِيهِنَّ غَيْرُ طَلْحَةَ وَسَعْدٍ‏.‏ عَنْ حَدِيثِهِمَا‏.‏
Narrated Mu'tamir's father:`Uthman said that on the day of the battle of Uhud, none remained with the Prophet (ﷺ) but Talha and Sa`d

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।