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सहीह बुख़ारी

नंबर 4017

नंबर 4017किताब 64, नंबर 66
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ، حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ كَانَ يَقْتُلُ الْحَيَّاتِ كُلَّهَا‏.‏ حَتَّى حَدَّثَهُ أَبُو لُبَابَةَ الْبَدْرِيُّ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ قَتْلِ جِنَّانِ الْبُيُوتِ، فَأَمْسَكَ عَنْهَا‏.‏
Narrated Nafi`:Ibn `Umar used to kill all kinds of snakes until Abu Lubaba Al-Badri told him that the Prophet (ﷺ) had forbidden the killing of harmless snakes living in houses and called Jinnan. So Ibn `Umar gave up killing them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।