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सहीह बुख़ारी

नंबर 3966

नंबर 3966किताब 64, नंबर 19
حَدَّثَنَا قَبِيصَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَبِي هَاشِمٍ، عَنْ أَبِي مِجْلَزٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ عُبَادٍ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ نَزَلَتْ ‏{‏هَذَانِ خَصْمَانِ اخْتَصَمُوا فِي رَبِّهِمْ‏}‏ فِي سِتَّةٍ مِنْ قُرَيْشٍ عَلِيٍّ وَحَمْزَةَ وَعُبَيْدَةَ بْنِ الْحَارِثِ وَشَيْبَةَ بْنِ رَبِيعَةَ وَعُتْبَةَ بْنِ رَبِيعَةَ وَالْوَلِيدِ بْنِ عُتْبَةَ‏.‏
Narrated Abu Dhar:The following Holy Verse:-- "These two opponents (believers & disbelievers) dispute with each other about their Lord," (22.19) was revealed concerning six men from Quraish, namely, `Ali, Hamza, 'Ubaida bin Al-Harith; Shaiba bin Rabi`a, `Utba bin Rabi`a and Al-Walid bin `Utba

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 64 · Military Expeditions led by the Prophet (pbuh) (Al-Maghaazi)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।