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सहीह बुख़ारी

नंबर 3946

नंबर 3946किताब 63, नंबर 170
حَدَّثَنِي الْحَسَنُ بْنُ عُمَرَ بْنِ شَقِيقٍ، حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، قَالَ أَبِي وَحَدَّثَنَا أَبُو عُثْمَانَ، عَنْ سَلْمَانَ الْفَارِسِيِّ، أَنَّهُ تَدَاوَلَهُ بِضْعَةَ عَشَرَ مِنْ رَبٍّ إِلَى رَبٍّ‏.‏
Narrated Salman Al-Farisi:That he was sold (as a slave) by one master to another for more than ten times (i.e. between 13 and)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 63 · Merits of the Helpers in Madinah (Ansaar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।