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सहीह बुख़ारी

नंबर 3806

नंबर 3806किताब 63, नंबर 31
حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو ـ رضى الله عنهما ـ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ اسْتَقْرِئُوا الْقُرْآنَ مِنْ أَرْبَعَةٍ مِنَ ابْنِ مَسْعُودٍ وَسَالِمٍ مَوْلَى أَبِي حُذَيْفَةَ، وَأُبَىٍّ، وَمُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ ‏"‏‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Amr:I heard the Prophet (ﷺ) saying, "Learn the recitation of Qur'an from four persons: Ibn Mas`ud, Salim, the freed slave of Abu Hudhaifa, Ubai and Mu`adh bin Jabal

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 63 · Merits of the Helpers in Madinah (Ansaar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।