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सहीह बुख़ारी

नंबर 3805

नंबर 3805किताब 63, नंबर 30
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا حَبَّانُ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، أَخْبَرَنَا قَتَادَةُ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَجُلَيْنِ، خَرَجَا مِنْ عِنْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي لَيْلَةٍ مُظْلِمَةٍ، وَإِذَا نُورٌ بَيْنَ أَيْدِيهِمَا حَتَّى تَفَرَّقَا، فَتَفَرَّقَ النُّورُ مَعَهُمَا‏.‏ وَقَالَ مَعْمَرٌ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ أَنَّ أُسَيْدَ بْنَ حُضَيْرٍ وَرَجُلاً مِنَ الأَنْصَارِ‏.‏ قَالَ حَمَّادٌ أَخْبَرَنَا ثَابِتٌ عَنْ أَنَسٍ كَانَ أُسَيْدُ بْنُ حُضَيْرٍ وَعَبَّادُ بْنُ بِشْرٍ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏.‏
Narrated Anas:Two men left the Prophet (ﷺ) on a very dark night. Suddenly a light came in front of them, and when they separated, the light also separated along with them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 63 · Merits of the Helpers in Madinah (Ansaar)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।