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सहीह बुख़ारी

नंबर 3709

नंबर 3709किताब 62, नंबर 59
حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي خَالِدٍ، عَنِ الشَّعْبِيِّ، أَنَّ ابْنَ عُمَرَ ـ رضى الله عنهما ـ كَانَ إِذَا سَلَّمَ عَلَى ابْنِ جَعْفَرٍ قَالَ السَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا ابْنَ ذِي الْجَنَاحَيْنِ‏.‏
Narrated Ash-Shu`bi:Whenever Ibn `Umar greeted Ibn Jafar, he used to say: "As-salamu-'Alaika (i.e. Peace be on you) O son of Dhu-l-Janahain (son of the two-winged person)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।