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सहीह बुख़ारी

नंबर 3660

नंबर 3660किताब 62, नंबर 12
حَدَّثَنِي أَحْمَدُ بْنُ أَبِي الطَّيِّبِ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مُجَالِدٍ، حَدَّثَنَا بَيَانُ بْنُ بِشْرٍ، عَنْ وَبَرَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ هَمَّامٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَمَّارًا، يَقُولُ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَمَا مَعَهُ إِلاَّ خَمْسَةُ أَعْبُدٍ وَامْرَأَتَانِ وَأَبُو بَكْرٍ‏.‏
Narrated `Ammar:I saw Allah's Messenger (ﷺ) and there was none with him but five slaves, two women and Abu Bakr (i.e. those were the only converts to Islam then)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 62 · Companions of the Prophet

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।