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सहीह बुख़ारी

नंबर 3638

नंबर 3638किताब 61, नंबर 142
حَدَّثَنِي خَلَفُ بْنُ خَالِدٍ الْقُرَشِيُّ، حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ مُضَرَ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ رَبِيعَةَ، عَنْ عِرَاكِ بْنِ مَالِكٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما أَنَّ الْقَمَرَ، انْشَقَّ فِي زَمَانِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم‏
Narrated Ibn `Abbas:The moon was split into two parts during the lifetime of the Prophet

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 61 · Virtues and Merits of the Prophet (pbuh) and his Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।