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सहीह बुख़ारी

नंबर 3619

नंबर 3619किताब 61, नंबर 126
حَدَّثَنَا قَبِيصَةُ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، رَفَعَهُ قَالَ ‏ "‏ إِذَا هَلَكَ كِسْرَى فَلاَ كِسْرَى بَعْدَهُ ـ وَذَكَرَ وَقَالَ ـ لَتُنْفَقَنَّ كُنُوزُهُمَا فِي سَبِيلِ اللَّهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Jabir bin Samura:The Prophet (ﷺ) said, "When Khosrau perishes, there will be no more Khosrau after him, and when Caesar perishes, there will be no more Caesar after him." The Prophet (ﷺ) also said, "You will spend the treasures of both of them in Allah's Cause

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 61 · Virtues and Merits of the Prophet (pbuh) and his Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।