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सहीह बुख़ारी

नंबर 3618

नंबर 3618किताब 61, नंबर 125
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ وَأَخْبَرَنِي ابْنُ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا هَلَكَ كِسْرَى فَلاَ كِسْرَى بَعْدَهُ، وَإِذَا هَلَكَ قَيْصَرُ فَلاَ قَيْصَرَ بَعْدَهُ، وَالَّذِي نَفْسُ مُحَمَّدٍ بِيَدِهِ لَتُنْفِقُنَّ كُنُوزَهُمَا فِي سَبِيلِ اللَّهِ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "When Khosrau perishes, there will be no (more) Khosrau after him, and when Caesar perishes, there will be no more Caesar after him. By Him in Whose Hands Muhammad's life is, you will spend the treasures of both of them in Allah's Cause

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 61 · Virtues and Merits of the Prophet (pbuh) and his Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।