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सहीह बुख़ारी

नंबर 2811

नंबर 2811किताब 56, नंबर 27
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمْزَةَ، قَالَ حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ، أَخْبَرَنَا عَبَايَةُ بْنُ رَافِعِ بْنِ خَدِيجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو عَبْسٍ، هُوَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَبْرٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَا اغْبَرَّتْ قَدَمَا عَبْدٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَتَمَسَّهُ النَّارُ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu `Abs:(who is `Abdur-Rahman bin Jabir) Allah's Messenger (ﷺ) said," Anyone whose both feet get covered with dust in Allah's Cause will not be touched by the (Hell) fire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 56 · Fighting for the Cause of Allah (Jihaad)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।