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सहीह बुख़ारी

नंबर 2629

नंबर 2629किताब 51, नंबर 61
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ نِعْمَ الْمَنِيحَةُ اللِّقْحَةُ الصَّفِيُّ مِنْحَةً، وَالشَّاةُ الصَّفِيُّ تَغْدُو بِإِنَاءٍ وَتَرُوحُ بِإِنَاءٍ ‏"‏‏.‏ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ وَإِسْمَاعِيلُ عَنْ مَالِكٍ قَالَ نِعْمَ الصَّدَقَةُ‏.‏
Narrated Abu Huraira:Allah's Messenger (ﷺ) said, "What a good Maniha (the she-camel which has recently given birth and which gives profuse milk) is, and (what a good Maniha) (the sheep which gives profuse milk, a bowl in the morning and another in the evening) is!" Narrated Malik: Maniha is a good deed of charity

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · Gifts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।