सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 2479

नंबर 2479किताब 46, नंबर 40
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ، حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ عِيَاضٍ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ الْقَاسِمِ، عَنْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ أَنَّهَا كَانَتِ اتَّخَذَتْ عَلَى سَهْوَةٍ لَهَا سِتْرًا فِيهِ تَمَاثِيلُ، فَهَتَكَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم، فَاتَّخَذَتْ مِنْهُ نُمْرُقَتَيْنِ، فَكَانَتَا فِي الْبَيْتِ يَجْلِسُ عَلَيْهِمَا‏.‏
Narrated Al-Qasim:Aisha said that she hung a curtain decorated with pictures (of animals) on a cupboard. The Prophet (ﷺ) tore that curtain and she turned it into two cushions which remained in the house for the Prophet (ﷺ) to sit on

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 46 · Oppressions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।