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सहीह बुख़ारी

नंबर 2403

नंबर 2403किताब 43, नंबर 19
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ الْمُعَلِّمُ، حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ أَبِي رَبَاحٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ أَعْتَقَ رَجُلٌ غُلاَمًا لَهُ عَنْ دُبُرٍ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ يَشْتَرِيهِ مِنِّي ‏"‏‏.‏ فَاشْتَرَاهُ نُعَيْمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، فَأَخَذَ ثَمَنَهُ، فَدَفَعَهُ إِلَيْهِ‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:A man pledged that his slave would be manumitted after his death. The Prophet (ﷺ) asked, "Who will buy the slave from me?" Nu'aim bin `Abdullah bought the slave and the Prophet (ﷺ) took its price and gave it to the owner

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · Loans, Payment of Loans, Freezing of Property, Bankruptcy

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।