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सहीह बुख़ारी

नंबर 2377

नंबर 2377किताब 42, नंबर 25
وَقَالَ اللَّيْثُ عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ دَعَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم الأَنْصَارَ لِيُقْطِعَ لَهُمْ بِالْبَحْرَيْنِ، فَقَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنْ فَعَلْتَ فَاكْتُبْ لإِخْوَانِنَا مِنْ قُرَيْشٍ بِمِثْلِهَا، فَلَمْ يَكُنْ ذَلِكَ عِنْدَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّكُمْ سَتَرَوْنَ بَعْدِي أَثَرَةً فَاصْبِرُوا حَتَّى تَلْقَوْنِي ‏"‏‏.‏
Narrated Anas (ra):The Prophet (ﷺ) called the Ansar so as to grant them a portion of (the land of) Bahrain. They said, "O Allah's Messenger ! If you grant this to us, write a similar document on our Quraish (emigrant) brothers." But the Prophet (ﷺ) did not have enough grants and he said: "After me you will see the people giving preference (to others), so be patient till you meet me

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Distribution of Water

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।