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सहीह बुख़ारी

नंबर 2376

नंबर 2376किताब 42, नंबर 24
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا ـ رضى الله عنه ـ قَالَ أَرَادَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُقْطِعَ مِنَ الْبَحْرَيْنِ، فَقَالَتِ الأَنْصَارُ حَتَّى تُقْطِعَ لإِخْوَانِنَا مِنَ الْمُهَاجِرِينَ مِثْلَ الَّذِي تُقْطِعُ لَنَا قَالَ ‏ "‏ سَتَرَوْنَ بَعْدِي أَثَرَةً فَاصْبِرُوا حَتَّى تَلْقَوْنِي ‏"‏‏.‏
Narrated Anas:The Prophet (ﷺ) decided to grant a portion of (the uncultivated land of) Bahrain to the Ansar. The Ansar said, "(We will not accept it) till you give a similar portion to our emigrant brothers (from Quraish)." He said, "(O Ansar!) You will soon see people giving preference to others, so remain patient till you meet me (on the Day of Resurrection)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 42 · Distribution of Water

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।