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सहीह बुख़ारी

नंबर 150

नंबर 150किताब 4, नंबर 16
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، هِشَامُ بْنُ عَبْدِ الْمَلِكِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي مُعَاذٍ ـ وَاسْمُهُ عَطَاءُ بْنُ أَبِي مَيْمُونَةَ ـ قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ كَانَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم إِذَا خَرَجَ لِحَاجَتِهِ أَجِيءُ أَنَا وَغُلاَمٌ مَعَنَا إِدَاوَةٌ مِنْ مَاءٍ‏.‏ يَعْنِي يَسْتَنْجِي بِهِ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:Whenever Allah's Messenger (ﷺ) went to answer the call of nature, I along with another boy used to accompany him with a tumbler full of water. (Hisham commented, "So that he might wash his private parts with it)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Ablutions (Wudu')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।