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सहीह बुख़ारी

नंबर 149

नंबर 149किताब 4, नंबर 15
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، قَالَ أَخْبَرَنَا يَحْيَى، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ يَحْيَى بْنِ حَبَّانَ، أَنَّ عَمَّهُ، وَاسِعَ بْنَ حَبَّانَ، أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ أَخْبَرَهُ قَالَ لَقَدْ ظَهَرْتُ ذَاتَ يَوْمٍ عَلَى ظَهْرِ بَيْتِنَا، فَرَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَاعِدًا عَلَى لَبِنَتَيْنِ مُسْتَقْبِلَ بَيْتِ الْمَقْدِسِ‏.‏
Narrated `Abdullah bin `Umar:Once I went up the roof of our house and saw Allah's Messenger (ﷺ) answering the call of nature while sitting over two bricks facing Baitul-Maqdis (Jerusalem). (See Hadith No)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · Ablutions (Wudu')

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।