सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह बुख़ारी

नंबर 2196

नंबर 2196किताब 34, नंबर 143
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ سَلِيمِ بْنِ حَيَّانَ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ مِينَا، قَالَ سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ ـ رضى الله عنهما ـ قَالَ نَهَى النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ تُبَاعَ الثَّمَرَةُ حَتَّى تُشَقِّحَ‏.‏ فَقِيلَ مَا تُشَقِّحُ قَالَ تَحْمَارُّ وَتَصْفَارُّ وَيُؤْكَلُ مِنْهَا‏.‏
Narrated Jabir bin `Abdullah:The Prophet (ﷺ) forbade the sale of (date) fruits till they were red or yellow and fit for eating

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।