حَدَّثَنَا ابْنُ مُقَاتِلٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا حُمَيْدٌ الطَّوِيلُ، عَنْ أَنَسٍ ـ رضى الله عنه ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى أَنْ تُبَاعَ ثَمَرَةُ النَّخْلِ حَتَّى تَزْهُوَ. قَالَ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ يَعْنِي حَتَّى تَحْمَرَّ.
Narrated Anas:Allah's Messenger (ﷺ) forbade the sale of date fruits till they were ripe. Abu `Abdullah (Al-Bukhari) said, "That means till they were red (can be eaten)
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।