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सहीह बुख़ारी

नंबर 2071

नंबर 2071किताब 34, नंबर 24
حَدَّثَنِي مُحَمَّدٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يَزِيدَ، حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو الأَسْوَدِ، عَنْ عُرْوَةَ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ ـ رضى الله عنها ـ كَانَ أَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عُمَّالَ أَنْفُسِهِمْ، وَكَانَ يَكُونُ لَهُمْ أَرْوَاحٌ فَقِيلَ لَهُمْ لَوِ اغْتَسَلْتُمْ‏.‏ رَوَاهُ هَمَّامٌ عَنْ هِشَامٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ‏.‏
Narrated Aisha:The companions of Allah's Messenger (ﷺ) used to practice manual labor, so their sweat used to smell, and they were advised to take a bath

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।