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सहीह बुख़ारी

नंबर 2070

नंबर 2070किताब 34, नंबर 23
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ، أَنَّ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ قَالَتْ لَمَّا اسْتُخْلِفَ أَبُو بَكْرٍ الصِّدِّيقُ قَالَ لَقَدْ عَلِمَ قَوْمِي أَنَّ حِرْفَتِي لَمْ تَكُنْ تَعْجِزُ عَنْ مَئُونَةِ أَهْلِي، وَشُغِلْتُ بِأَمْرِ الْمُسْلِمِينَ، فَسَيَأْكُلُ آلُ أَبِي بَكْرٍ مِنْ هَذَا الْمَالِ وَيَحْتَرِفُ لِلْمُسْلِمِينَ فِيهِ‏.‏
Narrated `Aisha:When Abu Bakr As-Siddiq was chosen Caliph, he said, "My people know that my profession was not incapable of providing substance to my family. And as I will be busy serving the Muslim nation, my family will eat from the National Treasury of Muslims, and I will practice the profession of serving the Muslims

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Sales and Trade

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।