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सहीह बुख़ारी

नंबर 1877

नंबर 1877किताब 29, नंबर 11
حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، أَخْبَرَنَا الْفَضْلُ، عَنْ جُعَيْدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ سَمِعْتُ سَعْدًا ـ رضى الله عنه ـ قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يَكِيدُ أَهْلَ الْمَدِينَةِ أَحَدٌ إِلاَّ انْمَاعَ كَمَا يَنْمَاعُ الْمِلْحُ فِي الْمَاءِ ‏"‏‏.‏
Narrated Sa`d:I heard the Prophet (ﷺ) saying, "None plots against the people of Medina but that he will be dissolved (destroyed) like the salt is dissolved in water

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Virtues of Madinah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।