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सहीह बुख़ारी

नंबर 1749

नंबर 1749किताब 25, नंबर 227
حَدَّثَنَا آدَمُ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، حَدَّثَنَا الْحَكَمُ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ، أَنَّهُ حَجَّ مَعَ ابْنِ مَسْعُودٍ ـ رضى الله عنه ـ فَرَآهُ يَرْمِي الْجَمْرَةَ الْكُبْرَى بِسَبْعِ حَصَيَاتٍ، فَجَعَلَ الْبَيْتَ عَنْ يَسَارِهِ، وَمِنًى عَنْ يَمِينِهِ، ثُمَّ قَالَ هَذَا مَقَامُ الَّذِي أُنْزِلَتْ عَلَيْهِ سُورَةُ الْبَقَرَةِ‏.‏
Narrated `Abdur-Rahman bin Yazid:I performed Hajj with Ibn Mas`ud , and saw him doing Rami of the big Jamra (Jamrat-ul-Aqaba) with seven small pebbles, keeping the Ka`ba on his left side and Mina on his right. He then said, "This is the place where the one on whom Surat-al-Baqara was revealed (i.e. Allah's Messenger (ﷺ) ) stood

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।