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सहीह बुख़ारी

नंबर 1384

नंबर 1384किताब 23, नंबर 136
حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي عَطَاءُ بْنُ يَزِيدَ اللَّيْثِيُّ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ يَقُولُ سُئِلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم عَنْ ذَرَارِيِّ الْمُشْرِكِينَ فَقَالَ ‏ "‏ اللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا كَانُوا عَامِلِينَ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) was asked about the offspring of pagans (Mushrikeen); so he said, "Allah knows what sort of deeds they would have done

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Funerals (Al-Janaa'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।