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सहीह बुख़ारी

नंबर 1383

नंबर 1383किताब 23, नंबर 135
حَدَّثَنَا حِبَّانُ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ، أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي بِشْرٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهم ـ قَالَ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ أَوْلاَدِ الْمُشْرِكِينَ فَقَالَ ‏ "‏ اللَّهُ إِذْ خَلَقَهُمْ أَعْلَمُ بِمَا كَانُوا عَامِلِينَ ‏"‏‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:Allah's Messenger (ﷺ) was asked about the children of (Mushrikeen) pagans. The Prophet (ﷺ) replied, "Since Allah created them, He knows what sort of deeds they would have done

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Funerals (Al-Janaa'iz)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।