حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ، أَخْبَرَنَا مَالِكٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَمْرَةَ بِنْتِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهَا أَخْبَرَتْهُ أَنَّهَا، سَمِعَتْ عَائِشَةَ ـ رضى الله عنها ـ زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ إِنَّمَا مَرَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى يَهُودِيَّةٍ يَبْكِي عَلَيْهَا أَهْلُهَا فَقَالَ " إِنَّهُمْ لَيَبْكُونَ عَلَيْهَا، وَإِنَّهَا لَتُعَذَّبُ فِي قَبْرِهَا ".
Narrated `Aisha:(the wife of the Prophet) Once Allah's Messenger (ﷺ) passed by (the grave of) a Jewess whose relatives were weeping over her. He said, "They are weeping over her and she is being tortured in her grave
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।