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सहीह बुख़ारी

नंबर 691

नंबर 691किताब 10, नंबर 86
حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زِيَادٍ، سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَمَا يَخْشَى أَحَدُكُمْ ـ أَوْ لاَ يَخْشَى أَحَدُكُمْ ـ إِذَا رَفَعَ رَأْسَهُ قَبْلَ الإِمَامِ أَنْ يَجْعَلَ اللَّهُ رَأْسَهُ رَأْسَ حِمَارٍ أَوْ يَجْعَلَ اللَّهُ صُورَتَهُ صُورَةَ حِمَارٍ ‏"‏‏.‏
Narrated Abu Huraira:The Prophet (ﷺ) said, "Isn't he who raises his head before the Imam afraid that Allah may transform his head into that of a donkey or his figure (face) into that of a donkey?

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · Call to Prayers (Adhaan)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।