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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1655

नंबर 1655किताब 9, नंबर 100
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ مَرْزُوقٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أُتِيَ بِلَحْمٍ قَالَ ‏"‏ مَا هَذَا ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا شَىْءٌ تُصُدِّقَ بِهِ عَلَى بَرِيرَةَ فَقَالَ ‏"‏ هُوَ لَهَا صَدَقَةٌ وَلَنَا هَدِيَّةٌ ‏"‏ ‏.‏
Anas said when some meat was brought to the Prophet (SAWS), he asked What is this? He was told this is a thing (meat), which was given as sadaqah to Barirah. Thereupon, he said it is sadaqah for her and a gift to us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (1495) Sahih Muslim (1074)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।