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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1654

नंबर 1654किताब 9, नंबर 99
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، وَعُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، - هُوَ ابْنُ أَبِي عُبَيْدَةَ - عَنْ أَبِيهِ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ كُرَيْبٍ، مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، نَحْوَهُ زَادَ أَبِي يُبْدِلُهَا لَهُ ‏.‏
The aforesaid tradition has also been transmitted by Ibn Abbas through a different chain of narrators in a similar manner. This version adds :“My father exchanged them for him”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Zakat (Kitab Al-Zakat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।