सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 1403

नंबर 1403किताब 7, नंबर 3
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا أَزْهَرُ بْنُ الْقَاسِمِ، - قَالَ مُحَمَّدٌ رَأَيْتُهُ بِمَكَّةَ - حَدَّثَنَا أَبُو قُدَامَةَ، عَنْ مَطَرٍ الْوَرَّاقِ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَمْ يَسْجُدْ فِي شَىْءٍ مِنَ الْمُفَصَّلِ مُنْذُ تَحَوَّلَ إِلَى الْمَدِينَةِ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The Messenger of Allah (ﷺ) did not make a prostration at any verse in al-Mufassal from the time he moved to Medina
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Prayer (Kitab Al-Salat): Prostration while reciting the Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।