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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1402

नंबर 1402किताब 7, नंबर 2
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي ابْنُ لَهِيعَةَ، أَنَّ مِشْرَحَ بْنَ هَاعَانَ أَبَا الْمُصْعَبِ، حَدَّثَهُ أَنَّ عُقْبَةَ بْنَ عَامِرٍ حَدَّثَهُ قَالَ قُلْتُ لِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَفِي سُورَةِ الْحَجِّ سَجْدَتَانِ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ وَمَنْ لَمْ يَسْجُدْهُمَا فَلاَ يَقْرَأْهُمَا ‏"‏ ‏.‏
Narrated Uqbah ibn Amir: I said to the Messenger of Allah (ﷺ): Are there two prostrations in Surah al-Hajj? He replied: Yes; if anyone does not make two prostrations, he should not recite them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Prayer (Kitab Al-Salat): Prostration while reciting the Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।