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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1289

नंबर 1289किताब 5, नंबर 40
حَدَّثَنَا دَاوُدُ بْنُ رُشَيْدٍ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ مَكْحُولٍ، عَنْ كَثِيرِ بْنِ مُرَّةَ أَبِي شَجَرَةَ، عَنْ نُعَيْمِ بْنِ هَمَّارٍ، قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ يَقُولُ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ يَا ابْنَ آدَمَ لاَ تُعْجِزْنِي مِنْ أَرْبَعِ رَكَعَاتٍ فِي أَوَّلِ نَهَارِكَ أَكْفِكَ آخِرَهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Nu'aym ibn Hammar: I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: Allah, the Exalted, says: Son of Adam, do not be helpless in performing four rak'ahs for Me at the beginning of the day: I will supply what you need till the end of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Prayer (Kitab Al-Salat): Voluntary Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।