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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4877

नंबर 4877किताब 43, नंबर 105
حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ مُسَافِرٍ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ أَبِي سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ مِنْ أَكْبَرِ الْكَبَائِرِ اسْتِطَالَةَ الْمَرْءِ فِي عِرْضِ رَجُلٍ مُسْلِمٍ بِغَيْرِ حَقٍّ وَمِنَ الْكَبَائِرِ السَّبَّتَانِ بِالسَّبَّةِ ‏"‏ ‏.‏
Narrated AbuHurayrah: The Prophet (ﷺ) said: The gravest sin is going to lengths in talking unjustly against a Muslim's honour, and it is a major sin to abuse twice for abusing once
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।