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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4876

नंबर 4876किताब 43, नंबर 104
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَوْفٍ، حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ، حَدَّثَنَا شُعَيْبٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي حُسَيْنٍ، حَدَّثَنَا نَوْفَلُ بْنُ مُسَاحِقٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ مِنْ أَرْبَى الرِّبَا الاِسْتِطَالَةَ فِي عِرْضِ الْمُسْلِمِ بِغَيْرِ حَقٍّ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Sa'id ibn Zayd: The Prophet (ﷺ) said: The most prevalent kind of usury is going to lengths in talking unjustly against a Muslim's honour
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।