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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4837

नंबर 4837किताब 43, नंबर 65
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ يَحْيَى الْحَرَّانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدٌ، - يَعْنِي ابْنَ سَلَمَةَ - عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ يَعْقُوبَ بْنِ عُتْبَةَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَلاَمٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا جَلَسَ يَتَحَدَّثُ يُكْثِرُ أَنْ يَرْفَعَ طَرْفَهُ إِلَى السَّمَاءِ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Salam: When the Messenger of Allah (ﷺ) sat talking (to the people), he would often raise his eyes to the sky
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · General Behavior (Kitab Al-Adab)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।