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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4567

नंबर 4567किताब 41, नंबर 74
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ السُّلَمِيُّ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ، - يَعْنِي ابْنَ مُحَمَّدٍ - حَدَّثَنَا الْهَيْثَمُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنِي الْعَلاَءُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الْعَيْنِ الْقَائِمَةِ السَّادَّةِ لِمَكَانِهَا بِثُلُثِ الدِّيَةِ ‏.‏
Narrated 'Amr b. Suh'aib: On his father's authority, said that his grandfather said: The Messenger of Allah (ﷺ) gave judgment that a third of the blood-wit should be paid for an eye fixed in its place
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।