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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4566

नंबर 4566किताब 41, नंबर 73
حَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ، فُضَيْلُ بْنُ حُسَيْنٍ أَنَّ خَالِدَ بْنَ الْحَارِثِ، حَدَّثَهُمْ قَالَ أَخْبَرَنَا حُسَيْنٌ، - يَعْنِي الْمُعَلِّمَ - عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، أَنَّ أَبَاهُ، أَخْبَرَهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فِي الْمَوَاضِحِ خَمْسٌ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Amr ibn al-'As: The Prophet (ﷺ) said: Blood-wit for every wound which lays bare a bone is five camels
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 41 · Types of Blood-Wit (Kitab Al-Diyat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।