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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4492

नंबर 4492किताब 40, नंबर 142
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرٌو، أَنَّ بُكَيْرَ بْنَ الأَشَجِّ، حَدَّثَهُ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَابِرٍ، أَنَّ أَبَاهُ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ أَبَا بُرْدَةَ الأَنْصَارِيَّ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by Abu Burdah al-Ansari through a different chain of narrators. This version has:I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say. . . He then mentioned the tradition to the same effect
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।