सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन अबू दाऊद

नंबर 4490

नंबर 4490किताब 40, नंबर 140
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا صَدَقَةُ، - يَعْنِي ابْنَ خَالِدٍ - حَدَّثَنَا الشُّعَيْثِيُّ، عَنْ زُفَرَ بْنِ وَثِيمَةَ، عَنْ حَكِيمِ بْنِ حِزَامٍ، أَنَّهُ قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُسْتَقَادَ فِي الْمَسْجِدِ وَأَنْ تُنْشَدَ فِيهِ الأَشْعَارُ وَأَنْ تُقَامَ فِيهِ الْحُدُودُ ‏.‏
Narrated Hakim ibn Hizam: The Messenger of Allah (ﷺ) forbade to take retaliation in the mosque, to recite verses in it and to inflict the prescribed punishments in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 40 · Prescribed Punishments (Kitab Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।