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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4350

नंबर 4350किताब 39, नंबर 60
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عُثْمَانَ، حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ، حَدَّثَنِي صَفْوَانُ، عَنْ شُرَيْحِ بْنِ عُبَيْدٍ، عَنْ سَعْدِ بْنِ أَبِي وَقَّاصٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنِّي لأَرْجُو أَنْ لاَ تُعْجِزَ أُمَّتِي عِنْدَ رَبِّهَا أَنْ يُؤَخِّرَهُمْ نِصْفَ يَوْمٍ ‏"‏ ‏.‏ قِيلَ لِسَعْدٍ وَكَمْ نِصْفُ يَوْمٍ قَالَ خَمْسُمِائَةِ سَنَةٍ ‏.‏
Narrated Sa'd ibn AbuWaqqas: The Prophet (ﷺ) said: I hope my community will not fail to maintain their position in the sight of their Lord if He delays them half a day. Sa'd was asked: How long is half a day? He said: It is five hundred years
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · Battles (Kitab Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।