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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4349

नंबर 4349किताब 39, नंबर 59
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ سَهْلٍ، حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنِي مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي ثَعْلَبَةَ الْخُشَنِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لَنْ يَعْجِزَ اللَّهُ هَذِهِ الأُمَّةَ مِنْ نِصْفِ يَوْمٍ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Tha'labat al-Khushani: The Prophet (ﷺ) said: Allah will not fail to detain this community for less than half a day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 39 · Battles (Kitab Al-Malahim)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।