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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4145

नंबर 4145किताब 34, नंबर 126
حَدَّثَنَا ابْنُ السَّرْحِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ أَتَّخَذْتُمْ أَنْمَاطًا ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ وَأَنَّى لَنَا الأَنْمَاطُ قَالَ ‏"‏ أَمَا إِنَّهَا سَتَكُونُ لَكُمْ أَنْمَاطٌ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir:The Messenger of Allah (ﷺ) said to me: Have you made cushions ? I said: How can we afford cushions ? He said: Soon you will have cushions
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (5161) Sahih Muslim (2083)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।