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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4133

नंबर 4133किताब 34, नंबर 114
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّازُ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي الزِّنَادِ، عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ كُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي سَفَرٍ فَقَالَ ‏ "‏ أَكْثِرُوا مِنَ النِّعَالِ فَإِنَّ الرَّجُلَ لاَ يَزَالُ رَاكِبًا مَا انْتَعَلَ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Jabir:We were with the Prophet (ﷺ) on a journey. He said: Make a general practice of wearing sandals, for a man keeps riding as long as he wears sandals
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Muslim (2096)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।