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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4132

नंबर 4132किताब 34, नंबर 113
حَدَّثَنَا مُسَدَّدُ بْنُ مُسَرْهَدٍ، أَنَّ يَحْيَى بْنَ سَعِيدٍ، وَإِسْمَاعِيلَ بْنَ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَاهُمُ - الْمَعْنَى، - عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ بْنِ أُسَامَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ جُلُودِ السِّبَاعِ ‏.‏
Abu al-Malih b. Usamah quoting his father said:The Messenger of Allah (ﷺ) forbade (the use of) the skins of beasts of prey
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।