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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4122

नंबर 4122किताब 34, नंबर 103
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ فَارِسٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ قَالَ مَعْمَرٌ وَكَانَ الزُّهْرِيُّ يُنْكِرُ الدِّبَاغَ وَيَقُولُ يُسْتَمْتَعُ بِهِ عَلَى كُلِّ حَالٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو دَاوُدَ لَمْ يَذْكُرِ الأَوْزَاعِيُّ وَيُونُسُ وَعُقَيْلٌ فِي حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ الدِّبَاغَ وَذَكَرَهُ الزُّبَيْدِيُّ وَسَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ وَحَفْصُ بْنُ الْوَلِيدِ ذَكَرُوا الدِّبَاغَ ‏.‏
Ma'mar said:Al-Zuhri used to deny tanning and say: Some good can be got out of it in any condition Abu Dawud said: Al-Auza'i, Yunus and 'Uqail did not mention tanning. al-Zubaidi, Sa'id b. 'Abd al-Aziz and Hafs b. 'Abd al-'Aziz mentioned tanning
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih Isnaad MaqtuAl-Albani
  • Sahih Isnaad MaqtuMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।