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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4121

नंबर 4121किताब 34, नंबर 102
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ، حَدَّثَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، بِهَذَا الْحَدِيثِ لَمْ يَذْكُرْ مَيْمُونَةَ قَالَ فَقَالَ ‏ "‏ أَلاَ انْتَفَعْتُمْ بِإِهَابِهَا ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ مَعْنَاهُ لَمْ يَذْكُرِ الدِّبَاغَ ‏.‏
The tradition mentioned above has also been transmitted by al-Zuhri who did not mention Maimunah. This version has:He said: Why did you not make use of it ? He then mentioned the rest of the tradition to the same effect but did not mention tanning
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (1492) Sahih Muslim (363)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Clothing (Kitab Al-Libas)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।