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सुनन अबू दाऊद

नंबर 4004

नंबर 4004किताब 32, नंबर 36
حَدَّثَنَا أَبُو مَعْمَرٍ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَمْرِو بْنِ أَبِي الْحَجَّاجِ الْمِنْقَرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا شَيْبَانُ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، أَنَّهُ قَرَأَ ‏{‏ هَيْتَ لَكَ ‏}‏ فَقَالَ شَقِيقٌ إِنَّا نَقْرَؤُهَا ‏{‏ هِئْتُ لَكَ ‏}‏ يَعْنِي فَقَالَ ابْنُ مَسْعُودٍ أَقْرَؤُهَا كَمَا عُلِّمْتُ أَحَبُّ إِلَىَّ ‏.‏
Narrated Shariq:Ibn Mas'ud said read the verse: "Now come, thou" (haita laka). Then Shariq said: We read it, "hi'tu laka" (I am prepared for thee). Ibn Mas'ud said: I read it as I have been taught ; it is dearer to me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (4692)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Dialects and Readings of the Qur'an (Kitab Al-Huruf Wa Al-Qira'at)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।