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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3977

नंबर 3977किताब 32, नंबर 9
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ، عَنْ أَبِي عَلِيِّ بْنِ يَزِيدَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ ‏{‏ وَكَتَبْنَا عَلَيْهِمْ فِيهَا أَنَّ النَّفْسَ بِالنَّفْسِ وَالْعَيْنُ بِالْعَيْنِ ‏}‏ ‏.‏
Narrated Anas ibn Malik: The Prophet (ﷺ) read the verse: "We ordained therein for them: Life for life and eye for eye (an-nafsa bin-nafsi wal-'aynu bil-'ayn)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Dialects and Readings of the Qur'an (Kitab Al-Huruf Wa Al-Qira'at)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।